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जान्हवी वैलनेस एंड हीलिंग सेंटर ने ‘आयुर्वेदा सही है’ मैगजीन का किया विमोचन

गंभीर बीमारियों को जड़ से दूर करेगा आयुर्वेदा : डॉ नूतन

ऋषिकेश। अगर आप किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित है या लंबे समय से आपके जीवन में अन्य बीमारी का अभाव है, तो बिल्कुल घबराने की जरूरत नहीं है।

हम आपको एक ऐसी ही चिकित्सा पद्धति के बारे में बताने जा रहे हैं। जिसे मनुष्य अपने जीवन में अपनाकर गंभीर एवं जटिल बीमारियों को जड़ से खत्म कर सकता है। जीहां हम बात कर रहे हैं आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति की। जिसका इतिहास 4,000 साल से भी पुराना है। बता दें कि आयुर्वेद भारत की पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली है, यह शरीर की जीवन शक्ति या प्राण के असंतुलन पर आधारित है। जो तीन शारीरिक गुणों के संतुलन पर निर्धारित है। जिन्हें दोष भी कहा जाता है, यानि वात, पित्त और कफ। इन गंभीर बीमारियों को जड़ से खत्म करने के लिए एक ऐसा ही शोध जान्हवी वैलनेस एंड हीलिंग सेंटर के विशेषज्ञों ने किया है। जिसमें एलोपैथिक एवं होम्योपैथिक से हटकर आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति व योग के माध्यम से गंभीर रोगों का इलाज संभव किया जाता है। जान्हवी वैलनेस एंड हीलिंग सेंटर की विशेषज्ञ डॉ नूतन खेर ने बताया कि जिन गंभीर बीमारियों का इलाज एलोपैथिक में संभव नहीं है। उन गंभीर बीमारियों को आम जीवन में अपनाकर एक सरल दिनचर्या के जरिए दूर किया जा सकता है। जिसके लिए जान्हवी वैलनेस एंड हीलिंग सेंटर ने लक्ष्मण झूला स्थित भागीरथी आश्रम में ‘आयुर्वेदा सही है’ मैगजीन का विमोचन किया है। इस मैगजीन के माध्यम से आमजन अपने जीवन में परिवर्तन लाकर गंभीर एवं जटिल बीमारियों को दूर कर सकते हैं। इतना ही नहीं मानसिक तनाव, अनिंद्रा, बांझपन एवं पॉलीसिस्टिक ओवरी डिजिज (पीसीओडी) जैसी गंभीर बीमारियों को भी आयुर्वेद एवं योग के माध्यम से खत्म किया जा सकता है। डॉ नूतन ने बताया कि ‘आयुर्वेदा सही है’ मैगजीन का उद्देश्य लोगों में जागरूकता फैलाना है। जिससे लोगों का लंबे समय तक स्वस्थ रहना संभव है। केरला आयुर्वेदा पंचकर्मा की विशेषज्ञ डॉ श्वेता पंडा ने बताया कि उनके क्लिनिक में महिलाओं एवं पुरुषों में होने वाले बांझपन एवं पीसीओडी के ऊपर कार्य किया जा रहा है। इन गंभीर बीमारियों से ग्रसित 51 लोगों को अब तक बिल्कुल स्वस्थ किया जा चुका है। आयुर्वेदा पंचकर्मा एक्सपर्ट डॉ अंकित अग्रवाल ने बताया कि आयुर्वेदा के माध्यम से न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर्स, स्पाइनल डिसऑर्डर्स एवं नर्वस सिस्टम डिसऑर्डर्स पर कार्य किया जा रहा है। साथ ही इससे संबंधित डिजीज पर बैलेंस करने का कार्य कर रहे हैं। बताया कि ऐसी स्थितियां जिसमें नॉर्मल ट्रीटमेंट या फिर सर्जरी का सुझाव दिया जाता है। ऐसी स्थितियों को आयुर्वेदा के माध्यम से समान करके मरीज को स्वस्थ किया जाता है। गांधी वैलनेस एवं योगा सेंटर के डॉक्टर प्रदीप योगी ने बताया कि प्राणायाम के जरिए मेंटालिटी जैसी गंभीर एवं जटिल बीमारियों को ठीक किया जा सकता है। इसके साथ मनुष्य के शरीर में होने वाले वात पित्त और कफ को भी प्राणायाम के माध्यम से ठीक किया जा सकता है। बताया कि सही तरीके से प्राणायाम करने से नाड़ी से संबंधित सभी रोगों को आसानी से दूर किया जा सकता है।

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