उत्तराखंड

एसआरएचयू जौलीग्रांट में कौशल विकास की मजबूत पहल, 70 युवाओं को मिले रोजगारपरक प्रमाणपत्र

देहरादून।
स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू), जौलीग्रांट द्वारा युवाओं के कौशल विकास और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित सीमित अवधि के रोजगारपरक पाठ्यक्रमों के पांचवें बैच का प्रमाणपत्र वितरण समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर 70 छात्र-छात्राओं को विभिन्न लघु कौशल पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
आदि कैलाश सभागार में ग्राम्य विकास संस्थान की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एसआरएचयू के सलाहकार प्रोफेसर एच.पी. उनियाल ने सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि ग्रामीण युवाओं का कौशल विकास वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं को रोजगार से जोड़ने के साथ-साथ आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य में इन लघु अवधि के पाठ्यक्रमों को और अधिक सुदृढ़ कर डिप्लोमा स्तर तक ले जाने की योजना पर विचार किया जा रहा है, जिससे युवाओं को बेहतर करियर अवसर प्राप्त हो सकें।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए उपनिदेशक डॉ. राजीव बिजल्वान ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि एसआरएचयू छात्रों को उन्नत कंप्यूटर कौशल, दस्तावेज निर्माण, डेटा विश्लेषण, परियोजना प्रबंधन, प्रशासनिक कार्य, कार्यालय संवाद और टीम कम्युनिकेशन जैसे क्षेत्रों में दक्ष बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
कार्यक्रम प्रबंधक नीलम पांडेय ने जानकारी दी कि ऑफिस असिस्टेंट सह कंप्यूटर ऑपरेटर (25), इलेक्ट्रिशियन सह प्लंबर (17) तथा आशा एम.सी.एच. (28) के लघु कौशल पाठ्यक्रमों को प्रतिभागियों ने सफलतापूर्वक पूर्ण किया। उन्होंने बताया कि अब तक इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से 500 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है।
विवेक आनंद के संचालन में संपन्न कार्यक्रम में उपनिदेशक नितेश कौशिक ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर सुनील खंडूरी, रविन्द्र वर्मा, ओमप्रकाश रतूड़ी, अखिलेश गोस्वामी आदि उपस्थित रहे।

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