उत्तराखंड

श्री दरबार साहिब से निकली ऐतिहासिक नगर परिक्रमा, पुष्पवर्षा के बीच गूंजे गुरु महाराज के जयकारे

देहरादून। दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज के सज्जादे गद्दी नशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज की अगुआई में मंगलवार को ऐतिहासिक नगर परिक्रमा धूमधाम से निकाली गई। इस दौरान करीब 25 हजार से अधिक संगतों ने नगर परिक्रमा में भाग लिया। परिक्रमा मार्ग पर जगह-जगह दूनवासियों ने पुष्पवर्षा कर संगतों का भव्य स्वागत किया और पूरे शहर में गुरु महाराज के जयकारे गूंजते रहे।
सुबह करीब 7:30 बजे श्री दरबार साहिब परिसर से नगर परिक्रमा की शुरुआत हुई। नगर परिक्रमा कांवली रोड से होते हुए श्री गुरु राम राय पब्लिक स्कूल बिंदाल पहुंची, जहां श्रद्धालुओं को चने, मुरमुरे और गुड़ का प्रसाद वितरित किया गया। इसके बाद तिलक रोड, टैगोर विला होते हुए संगत घण्टाघर पहुंची। यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और ढोल-नगाड़ों की थाप के बीच दूनवासियों ने पुष्पवर्षा कर संगत का स्वागत किया।
नगर परिक्रमा घण्टाघर से पल्टन बाजार, लक्खीबाग पुलिस चौकी होते हुए रीठा मंडी पहुंची और फिर श्री गुरु राम राय पब्लिक स्कूल बॉम्बे बाग में संगतों को गन्ने का प्रसाद वितरित किया गया। इसके बाद संगतें समाधि स्थल श्रीमहंत साहिबान पर माथा टेकने पहुंचीं। दोपहर करीब 11:45 बजे नगर परिक्रमा श्री दरबार साहिब पहुंचकर सम्पन्न हुई।
पूरे मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा लंगर और जलपान की व्यवस्था की गई थी। भजन-कीर्तन और गुरु भक्ति के गीतों के बीच संगतों ने ढोल की थाप पर नृत्य भी किया। शहर के विभिन्न सामाजिक संगठनों, गणमान्य व्यक्तियों और जनप्रतिनिधियों ने भी पुष्पवर्षा कर संगत का स्वागत किया।
इस अवसर पर श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने कहा कि ऐतिहासिक नगर परिक्रमा में शामिल होने के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में संगतें देहरादून पहुंचती हैं। दूनवासियों द्वारा जिस प्रेम, स्नेह और सद्भावना के साथ संगतों का स्वागत किया जाता है, उससे सभी भाव-विभोर हो जाते हैं। उन्होंने मेले के सफल आयोजन में सहयोग देने के लिए पुलिस प्रशासन, जिला प्रशासन, नगर निगम और मीडिया का आभार व्यक्त किया।
शाम को दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज में मसंदों और संगत की विदाई के बाद खुशी का प्रसाद वितरित किया गया। प्रसाद वितरण के बाद अन्य राज्यों से आई अधिकांश संगतें अपने-अपने गंतव्यों के लिए रवाना हो गईं। इस दौरान गुरु भक्ति के भजनों पर संगतें पूरे हर्षोल्लास के साथ गुरु के रंग में रंगी नजर आई।

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