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देश के चारों शंकराचार्यो ने डॉ भूपेंद्र मोदी को राजऋषि की उपाधि से किया सम्मानित, विकसित भारत एवं सनातन धर्म की परिकल्पना को लेकर आगे बढ़ेंगे मोदी

तीर्थनगरी से करेंगे विकासशील देश की शुरुआत

ऋषिकेश। डॉ भूपेंद्र मोदी ने 75 वर्ष पूर्ण होने के बाद देश के चारों शंकराचार्यो से राजऋषि की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने विकसित भारत एवं सनातन धर्म की परिकल्पना को लेकर एम्स रोड पर स्थित मोदी रिट्रीट में प्रेस वार्ता का आयोजन किया। इसमें राजऋषि डॉ भूपेंद्र मोदी ने सनातन धर्म के आधार पर भारत को विकासशील देश बनाने की योजना जाहिर की।

बाइट : राजऋषि डॉ भूपेंद्र मोदी

देश के चारों शंकराचार्यों द्वारा राज ऋषि की उपाधि से सम्मानित डॉ भूपेन्द्र मोदी प्रेस वार्ता में कहा कि वह 75 साल बाद सिंगापुर से भारत लौटे हैं और यहां कुछ खास कार्य करना चाहते हैं। जिसका लाभ गरीब एवं मध्य वर्ग के लोग उठा सके। उन्होंने कहा कि इसकी पहल मैं तीर्थ नगरी ऋषिकेश से करना चाहता हूं, क्योंकि उनके माता-पिता ने उन्हें विकसित भारत की परिकल्पना की शुरुआत धर्मनगरी ऋषिकेश से करने के लिए कहा था। इस दौरान राज ऋषि डॉ भूपेंद्र मोदी ने अध्यात्म की नगरी ऋषिकेश से सनातन का संदेश देने और सनातनियों की सोच को आगे बढ़ाए जाने की बात भी कही। उन्होंने भारत को विश्व गुरु बनाए जाने की दिशा में कार्य किए जाने पर जोर दिया।

डॉ मोदी ने कहा कि भारत में धर्म विशेष की बात करते हुए राजनीतिक मुद्दा बनाया जाता है, जो कि सही नहीं है। कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें स्मार्ट सिटी बनाने के लिए यहां बुलाया है।लेकिन अब सनातन सिटी का प्रचार करना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारत का इतिहास और भारतीय सभ्यता सामान्य इतिहास बोध से कई ज़्यादा प्राचीन और व्यापक है। साथ ही विकास और विरासत भी भारत का विजन है। पिछले दस वर्षों में भारत ने विरासत के संरक्षण के लिए अभूतपूर्व क़दम उठाए हैं। इसलिए प्राचीन सभ्यता का भी विकास भारत में ही हुआ। इस आधार पर भारत को विश्व गुरु माना जाता था।

प्राचीन काल में ज्ञान विज्ञान का जनक भारत को ही माना जाता था और यहीं से समस्त भूमंडल में ज्ञान फैलाया गया है। उन्होंने बताया कि भारत अपनी मूलभूत ज़रूरतों से काफ़ी आगे बढ़ गया है। आज हम लोग दस वर्ष आगे की योजना पर कार्य कर रहे है निसंदेह भारत बहुत जल्द विश्व की तीसरी मज़बूत इकोनॉमी बनने जा रहा है, लेकिन हमें इसके साथ -साथ अपने धर्म संस्कृति को कैसे विश्व में मजबूत करे, इस ओर भी चिंतन करने की आवश्यकता है।

राजऋषि डॉ भूपेंद्र मोदी ने कहा कि भारत को सनातन राष्ट्रीय बनाने के लिए अगली पीढ़ी को संस्कारवान बनाना अति आवश्यक है। उन्होंने बताया कि इसी वर्ष दो जनवरी को जब मैंने अपने जीवन के 75 वर्ष पूर्ण कर लिए थे। उसके बाद मैंने संन्यास ग्रहण किया और अपना संन्यास का काल भारत में रह कर भारत को सनातन राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया। जिस दिशा में कार्य करना शुरू हो चुका है। जिसकी शुरुआत देवभूमि उत्तराखंड से होगी। कहा कि हिन्दू के पवित्र स्थान हरिद्वार के लिए कोई इंटरनेशनल एयरपोर्ट नहीं है। हरिद्वार में दुनिया भर के हिंदू अपने पूर्वजों की अस्थि विसर्जन के लिए आते है और यही से चार धाम यात्रा आरंभ होती है। यदि हरिद्वार के आस पास एक इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनता है तो पूरी दुनिया से गंगा स्नान हेतु श्रद्धालु हिंदू तीर्थयात्री आएंगे। कार्यक्रम का संचालन पंकज भट्ट द्वारा किया गया।

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