मेजर ध्यानचंद के जन्मदिवस पर क्रॉस कंट्री दौड़ आयोजित, छात्रों ने दिखाया दमखम
विजेता छात्रों को किया सम्मानित
ऋषिकेश। मेजर ध्यान चंद के जन्मदिवस एवं खेल दिवस 29 अगस्त की पूर्व संध्या पर खेल निदेशालय उत्तराखण्ड के सौजन्य से जिला प्रशासन देहरादून के मार्गदर्शन में खेल एवं युवा कल्याण विभाग देहरादून द्वारा क्रॉस कंट्री दौड़ आयोजित की गई।
इस प्रतियोगिता का मुख्य अतिथि राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल, विशिष्ट अतिथि संजीव चौहान, जिला पंचायत सदस्य श्यामपुर डीपी रतूड़ी, पूर्व वायु सेना अधिकारी एवं हॉकी खिलाड़ी नागेश राजपूत, सेवानिवृत्ति शारीरिक शिक्षक एवं पार्षद गुरविंदर सिंह गुर्री द्वारा संयुक्त रूप से विधिवत उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि कुसुम कंडवाल ने कहा कि हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद का जीवन सभी खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है, इसलिए जिस भी क्षेत्र में रहे पूरी निष्ठा ईमानदारी और लगन के साथ कार्य करें। कहा कि खेलों के क्षेत्र में भारतवर्ष आज प्रगति की ओर अग्रसर है। इस अवसर पर जिला क्रीड़ा अधिकारी देहरादून निधि बिंजोला एवं जिला युवा कल्याण अधिकारी चमन सिंह चौहान द्वारा बताया गया कि इस प्रतियोगिता में 110 बालक एवं बालिकाओं ने प्रतिभाग किया। जिसमे अंडर 16 आयु वर्ग में 4 किलोमीटर की बालक बालिकाओं के क्रॉस कंट्री दौड़ एवं ओपन कैटिगरी 6 किलोमीटर की क्रॉस कंट्री दौड़ आयोजित की गई। प्रतियोगिता में अंडर 16 आयु वर्ग में बालिकाओं स्नेहा साहनी प्रथम, प्रिया कश्यप द्वितीय, अवनी शुक्ला तृतीया, दीपा चतुर्थ, कंचन भंडारी पंचम रही। बालको में आकाश यादव प्रथम, राघवेंद्र दास द्वितीय, दक्ष चौहान तृतीय, सक्षम छोकरा चतुर्थ, शौर्य अग्रवाल पंचम रहे। वहीं, ओपन कैटिगरी बालिकाओं में खुशी सैनी प्रथम, किरण सनी द्वितीय, प्रतिभा पंडित तृतीया, करीना जेठूड़ी चतुर्थ, चांदनी साहनी पंचम रही। बालकों में सचिन राठौर प्रथम, उदय सिंह द्वितीय, शिवम कुमार तृतीय, जितेश कुमार चतुर्थ, निखिल नेगी पंचम स्थान पर रहे। इस दौरान राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय लेवल पर मेडल जीतने वाले पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी नीरजा गोयल को और जितेंद्र बिष्ट को खेल विभाग की ओर से सम्मानित किया गया। मौके पर खेल विभाग के प्रशिक्षक प्रवीन रावत, अवतार सिंह बिष्ट, अखिलेश कोठारी, याग्नेश, अनुज नेगी, सागर रावत, नवीन कंडवाल, ओमप्रकाश गुप्ता आदि मौजूद रहे।




