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थौलधार में ‘The Learning Feast : बाल शोध मेला 2026’ का भव्य आयोजन, बच्चों ने दिखाई रचनात्मकता

थौलधार (टिहरी गढ़वाल)। राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय, थौलधार में “The Learning Feast : बाल शोध मेला 2026” का आयोजन उत्साह एवं भव्यता के साथ सम्पन्न हुआ। यह आयोजन नई शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के अनुरूप बच्चों के लर्निंग आउटकम्स को सशक्त बनाने तथा अनुभवात्मक और आनंदमय शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया।

कार्यक्रम में ब्लॉक ज्येष्ठ प्रमुख सुनीता देवी, डायट प्राचार्य दीपक रतूड़ी, खंड शिक्षा अधिकारी हिमांशु कुमार श्रीवास्तव, डायट प्रवक्ता देवेंद्र सिंह भंडारी, अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के जिला समन्वयक प्रमोद पैन्यूली, आजम, हिमोत्थान सोसाइटी के जिला समन्वयक दुर्गा प्रसाद कसवाल सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। इसके अलावा शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी एवं विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

विद्यालय परिवार द्वारा कार्यक्रम का संचालन किया गया। प्रधानाध्यापक शक्ति प्रसाद उनियाल के नेतृत्व में शिक्षकगण—सुरेंद्र सिंह, अमित चमोली, नीतीश चमोली, शंकर सुयाल और किरन डोभाल का विशेष योगदान रहा। विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष गजेंद्र प्रसाद भट्ट की सक्रिय सहभागिता भी उल्लेखनीय रही।

स्टॉल बने मुख्य आकर्षण

मेले में लगाए गए नवाचारी शैक्षिक स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहे। “फ्योंली” मासिक पत्रिका स्टॉल में बच्चों की रचनात्मक अभिव्यक्ति देखने को मिली, जिसमें हिंदी, अंग्रेजी और संस्कृत में मुहावरे, पहेलियां और कहानियां शामिल थीं। गणित स्टॉल में Estimation Center और Tangram गतिविधियों के माध्यम से बच्चों ने तार्किक सोच और समस्या समाधान कौशल का प्रदर्शन किया।

EVS स्टॉल में जल संरक्षण, स्वच्छता और वैज्ञानिक मॉडल प्रस्तुत किए गए। पुस्तकालय एवं डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर स्टॉल में विद्यालय की आधुनिक शिक्षण सुविधाओं का प्रदर्शन किया गया। “थौलधार का समृद्ध इतिहास” स्टॉल ने स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को उजागर किया। फायरलेस कुकिंग स्टॉल में बच्चों ने बिना आग के व्यंजन तैयार कर जीवन कौशल और रचनात्मकता का परिचय दिया।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समा

कार्यक्रम में लोकनृत्य, लोकनाटक और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। रैपिड फायर और संवाद कार्यक्रम ने आयोजन को और अधिक सहभागितापूर्ण बनाया।

लकी ड्रा के विजेता घोषित

कार्यक्रम के अंत में लकी ड्रा आयोजित किया गया, जिसमें प्रथम पुरस्कार (इंडक्शन) आरुषि चौहान, द्वितीय पुरस्कार (इलेक्ट्रिक केतली) सिमरन, तृतीय पुरस्कार (प्रेस) अर्पित चौहान और चतुर्थ पुरस्कार (टिफिन) अंशिका भट्ट को प्रदान किए गए।

यह बाल शोध मेला बच्चों के सर्वांगीण विकास, सामुदायिक सहभागिता और शिक्षा में नवाचार का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा तथा विद्यालय को अनुभवात्मक शिक्षण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।

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