एम्स में नर्सिंग ऑफिसर ने महिला चिकित्सक के साथ की छेड़छाड़, जूनियर एवं सीनियर डॉक्टरों ने जमकर काटा हंगामा
पुलिस ने आरोपित को किया गिरफ्तार
ऋषिकेश। एम्स संचालित होने के दिनों से ही काफी चर्चाओं मे रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं मे नये नये आयाम स्थापित करने वाले ऋषिकेश एम्स को मानो किसी की नजर लगी हो। यंहा के कई चिकत्सक प्रोफेसर कड़ी मेहनत कर स्वास्थ्य सेवाओ को बेहतर बनाने मे दिन रात किये हुए हैं, तो कई चिकित्सक अपने कारनामो से एम्स की छवि को धूमिल करने मे जुटे हैं।
बता दें कि बीते सोमवार को एम्स के दो बदनामी वाले कांड उजागर हुए। दोपहर एमडी की परीक्षा मे नकल कराने के मामले मे गिरफ्तार हुए दो डाक्टरो का मामला सामने आया था। पुलिस ने बताया कि पांच आरोपियों मे दो डाक्टर एम्स के थे जो जलसाजो से दो दो लाख मे बिक गए। इस घटनाक्रम की तासीर थोड़ी ठंडी भी न हुई थी कि शाम को एक और बदनामी वाली हरकत सामने आ गई। मिडिया रिपोर्ट के अनुसार एम्स ऋषिकेश के सर्जरी विभाग में तैनात एक महिला चिकित्सक के साथ आपरेशन के दौरान एक पुरुष नर्सिंग आफिसर ने छेड़खानी कर दी। जानकारी मिलने पर जूनियर और सीनियर डाक्टरों ने मंगलवार की दोपहर ऑफिस के सामने जमकर हंगामा काट दिया। बताया जा रहा है कि इन सभी ने आरोपित नर्सिंग आफिसर पर कार्रवाई की मांग की है। घटना बीते सोमवार शाम लगभग 7 बजे आपरेशन थिएटर की है। यंहा तैनात नर्सिंग आफिसर सतीश कुमार पर ऑपरेशन के दौरान महिला चिकित्सक के साथ छेड़खानी का आरोप लगा है। आरोप यह भी हैं कि आफिसर ने डाक्टर को अनुचित मैसेज भी भेजे।
बताया जा रहा है कि महिला चिकित्सक ने इसकी शिकायत अस्पताल के आंतरिक चिकित्सा प्रकोष्ठ में भी की। इसके अलावा इस प्रकार के मामलों के लिए गठित एम्स विशाखा समिति में भी इस पर चर्चा भी की गई है। सम्पूर्ण प्रकरण पर दोपहर जूनियर और सीनियर रेजिडेंट डीन कार्यालय के बाहर एकत्र हुए और आरोपित नर्सिंग आफिसर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। उधर मामले का संज्ञान लेकर उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल एम्स ऋषिकेश पहुंची। इस दौरान उन्होंने नर्सिंग ऑफिसर की हरकत को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। साथ ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच कर उचित कार्यवाही के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि महिला से छेड़छाड़ मामले में आरोपीत को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, एम्स PRO संदीप कुमार का कहना है कि यह मामला गंभीर है। एम्स प्रशासन द्वारा आरोपित के सख्ती से कदम उठाये गए है। एम्स प्रशासन ने आरोपित नर्सिंग आफिसर संदीप कुमार को निलंबित कर दिया है। साथ ही आरोपित के खिलाफ पुलिस मे मुकदमा भी दर्ज कराया गया है। इसके अलावा गठित एम्स विशाखा समिति में मामले की रिपोर्ट भी दी गई है। फिलहाल, कोतवाली ऋषिकेश द्वारा आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस गहनता से मामले की जांच में जुटी है, जांच में दोषी पाए जाने पर आरोपित के खिलाफ उचित कार्यवाही की जाएगी।




