उत्तराखंड

“तिवारी बोले — अवैध प्लॉटिंग पर एमडीडीए की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति जारी”

देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने शहर और आसपास के क्षेत्रों में अवैध प्लॉटिंग व अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ अपना सख़्त अभियान जारी रखा है। प्राधिकरण का उद्देश्य राजधानी में नियोजित विकास को बढ़ावा देना और अवैध व असंगठित विस्तार पर पूरी तरह अंकुश लगाना है। इसी क्रम में एमडीडीए की टीमें रोजाना मैदानी निरीक्षण कर रही हैं और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर त्वरित ध्वस्तीकरण कार्रवाई कर रही हैं।

विकासनगर और शिमला बाईपास क्षेत्र में कार्रवाई

बृहस्पतिवार को विकसित नगर, शिमला बाईपास और आसपास के ग्रामीण इलाकों में बड़े पैमाने पर अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त की गई। होरोवाला रोड, छरबा में मदन सिंह नेगी द्वारा लगभग 4-5 बीघा भूमि में की जा रही अनधिकृत प्लॉटिंग को एमडीडीए टीम ने गिरा दिया। कार्रवाई में अवर अभियंता सिद्धार्थ सेमवाल, अमन पाल, सुपरवाइज़र व पुलिस बल शामिल रहा।

शेरपुर सेलाकुई में 20 बीघा अवैध प्लॉटिंग ढही

बुधवार को शेरपुर सेलाकुई में नवीन गुप्ता व अन्य द्वारा लगभग 20 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया। पूरी कार्रवाई शांतिपूर्वक संपन्न हुई जिसमें अवर अभियंता नितेश राणा व सुपरवाइज़र मौजूद रहे।

उपाध्यक्ष एमडीडीए का बयान

उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि अवैध प्लॉटिंग और निर्माण भविष्य में नागरिकों के लिए सड़क, बिजली, सीवर और जलापूर्ति जैसी गंभीर समस्याएँ खड़ी कर देते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर अनधिकृत विकास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और छोटे-बड़े सभी मामलों में तत्काल सीलिंग व ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जारी रहेगी।

सचिव एमडीडीए की चेतावनी

सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि एमडीडीए टीमें लगातार मैदानी निगरानी कर रही हैं और जहाँ भी अवैध निर्माण या प्लॉटिंग मिल रही है, तुरंत कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण का लक्ष्य क्षेत्र में व्यवस्थित और सुरक्षित विकास सुनिश्चित करना है, जिसके लिए कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

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