सोशल मीडिया पर उत्तराखंड पुलिस का सराहना संदेश जमकर वायरल, चारधाम यात्रियों की सेवा में तत्पर
बिना रजिस्ट्रेशन वाले यात्रियों से विनती एवं सहयोग की अपील
ऋषिकेश। आप अपने घर के किसी कार्यक्रम में अगर 500 लोगों को आमंत्रण देकर खाने पर बुलाते हो, लेकिन उसी कार्यक्रम में 2000 लोग खाना खाने पहुंच जाते हैं। तब आप क्या करेगें या तो उन्हें बाहर निकालेगें या फिर अपमानित करेगें।
हाल ही में उत्तराखंड पुलिस के लिए एक सराहना संदेश सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। जिसमें उत्तराखंड पुलिस के द्वारा बिना रजिस्ट्रेशन कराए चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं से विनती एवं सहयोग की बात कही गई है। इस संदेश उत्तराखंड पुलिस की जमकर सहाना की गई है। वहीं, कुछ असामाजिक तत्वों पर पुलिस को अपने निजी स्वास्थ्य के लिए बदनाम करने का आरोप लगाया गया है। इसमें कहा गया है कि सोचो पुलिस किस लिए लगी है, वो सिर्फ आपके लिए घंटो बिना खाए पिए अपने पैरो पर खड़े हैं। हालांकि, कुछ असामाजिक तत्वों को पुलिस द्वारा रौद्र रूप दिखाना इसलिए भी जरूरी हो जाता है, क्योंकि यह सामाजिक तत्व नियमों का उल्लंघन करके मनमर्जी से रोड पर वाहन चलाते हैं। इसके अलावा मनमर्जी से मंदिर में कतार तोड़ रहे होते हैं और मंदिर की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं। ऐसे में पुलिस को इन असामाजिक तत्वों पर कार्यवाही करना आवश्यक हो जाता है। इसलिए उत्तराखंड पुलिस को सिंघम की तरह अच्छे लोगो के लिए बहुत अच्छे और बुरे के लिए बहुत बुरा बनना पड़ता है। क्योंकि पुलिस वाले भी एक इंसान होते हैं, उनके पास भी दिल है, वो भी परेशान होते हैं। पुलिस अपने बीवी बच्चों से दूर रहकर आपके परिवार का ख्याल रखने के लिए हमेशा खडी रहती है।




