नई दिल्लीलेटेस्ट खबरें

महिला ने याचिका पर सुनवाई के लिए उतारा मंगलसूत्र

याचिका पर सुनवाई ना होने पर महिला हुई भावुक

दिल्ली। हैदराबाद की एक महिला ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट से अपनी याचिका पर सुनवाई करने की भावुक अपील करते हुए अपना मंगलसूत्र उतार दिया। सहारा इंडिया की संपत्तियों की बिक्री से संबंधित एक याचिका की सुनवाई के दौरान, महिला ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ को बताया कि लंबे समय तक चले मुकदमे ने उसके परिवार को तबाह कर दिया है।

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, महिला ने मुख्य न्यायाधीश से गुहार लगाते हुए कहा, “माइलॉर्ड, माइलॉर्ड। मैं हैदराबाद से हूं। एक शब्द हमारा भी सुन लीजिए, माइलॉर्ड। पंद्रह साल से…।” इस पर सीजेआई ने याचिकाकर्ता को बीच में टोकते हुए कहा, “मैडम, आपका मामला अगले सोमवार को सुना जाएगा।

महिला ने फिर से गिड़गिड़ाते हुए कहा, “नहीं, प्लीज, सर। मैं बस एक शब्द कहूंगी। पंद्रह साल से हम जिंदगी नहीं जी रहे हैं। हमारी जिंदगी बर्बाद हो गई है। हमारे पूरे परिवार बर्बाद हो गए हैं। हम सब मिलकर यह रिक्वेस्ट कर रहे हैं, माइलॉर्ड।

इस पर मुख्य न्यायाधीश ने उन्हें बताया कि उनके मामले की सुनवाई अगले हफ्ते की जाएगी। सीजेआई ने कहा, “अगले सोमवार को आपका मामला सुना जाएगा। यह मामला एक स्पेशल बेंच को सुनना है। ठीक है। आप ऐसे कीजिए, आप मत आइएगा। आप ऑनलाइन पेश हो जाइए। आपको खुद आने की जरूरत नहीं है।

हालांकि, महिला ने कहा कि वह खुद उपस्थित होंगी क्योंकि यह मामला उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। महिला ने कहा, “नहीं सर, हम आएंगे सर। हमारे दिल की जो बात है ना सर, आपके दिल को टच होना चाहिए, सर। क्योंकि हम कितने दर्द में हैं। पूरी फैमिली बर्बाद हो गई है, सर। अब बच्चों को खाना तक नहीं दे पा रहे हैं, सर। हम लोग अपने बच्चों को खाना नहीं दे पा रहे हैं, एजुकेशन नहीं दे पा रहे हैं।

मुख्य न्यायाधीश ने जोर देकर कहा कि उन्हें यात्रा पर पैसा बर्बाद नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा, “मामले का फैसला सुनवाई के बाद ही होगा। सुनवाई की तारीख अगले सोमवार तय की गई है। लेकिन मेरी आपको यही सलाह है कि आप यात्रा पर पैसा बर्बाद न करें।

फिर उस महिला ने अपना मंगलसूत्र उतारते हुए कहा कि अब उसके गले में कुछ भी नहीं बचा है। महिला ने कहा, एक महिला के लिए मंगलसूत्र से बढ़कर कुछ नहीं होता, सर। हमारे गले में अब क्या बचा है, सर।

Related Articles

Back to top button