22 नवंबर से जनपद में चलेगा उप-राष्ट्रीय पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान
50,404 बच्चों को पिलायी जाएगी पोलियो की खुराक

पौड़ी।
*22 नवंबर से जनपद में चलेगा उप-राष्ट्रीय पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान, 50,404 बच्चों को पिलायी जाएगी पोलियो की खुराक*
*जिलाधिकारी ने तैयारियों की समीक्षा कर सभी विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने के दिए निर्देश*
*चिकित्सालयों के मरम्मत कार्यों की समीक्षा: धुमाकोट में कार्य पूर्ण, रिखणीखाल में जल्द शुरू होगा कार्य, थलीसैंण में 30 नवंबर तक पूरा करने के निर्देश*
*सूचना/पौड़ी/04 नवंबर, 2026:*
आगामी 22 नवंबर 2026 से जनपद पौड़ी गढ़वाल में संचालित होने वाले उप-राष्ट्रीय पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया की अध्यक्षता में आज विकास भवन सभागार में जिला टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अभियान की सूक्ष्म कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों को उनकी जिम्मेदारियां सौंपने के साथ ही आपसी समन्वय से अभियान को सफल बनाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि अभियान का उद्देश्य जनपद के प्रत्येक पात्र बच्चे तक पोलियो की खुराक पहुंचाना है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ ही बाल विकास, शिक्षा, पंचायती राज, पुलिस, परिवहन एवं वन विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। उन्होंने निर्देश दिए कि अभियान से पूर्व व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि प्रत्येक परिवार तक इसकी जानकारी पहुंचे और कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक लेने से वंचित न रहे। विद्यालयों में भी पहले से ही अभियान के संबंध में जागरुकता गतिविधियां संचालित करने को कहा गया। आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों के माध्यम से अभिभावकों को प्रेरित कर बच्चों को पोलियो बूथ तक लाने पर विशेष जोर दिया गया। इसके अलावा तहसील स्तर पर भी टास्क फोर्स की बैठक आयोजित कर तैयारियों की समीक्षा की जाएगी।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों के माध्यम से नवजात शिशुओं, दो वर्ष से कम आयु के बच्चों तथा बीमार बच्चों के अभिभावकों से विशेष संपर्क किया जाए। उन्होंने कहा कि बूथ दिवस के बाद निर्धारित क्षेत्रों में घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी। उन्होंने दुगड्डा विकासखंड के भाबर, कालागढ़, लक्ष्मणझूला, स्वर्गाश्रम, चिल्ला-कुनाऊं एवं गंगाभोगपुर क्षेत्रों में विशेष अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस विभाग को रेलवे स्टेशन, बस अड्डों एवं अन्य ट्रांजिट स्थलों पर स्वास्थ्य टीमों को आवश्यक सहयोग देने, परिवहन विभाग को वाहनों की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा वन विभाग को वन गुर्जर बस्तियों और दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य टीमों को आवागमन में सहयोग उपलब्ध कराने को कहा गया। बैठक में पंचायती राज विभाग को ग्राम प्रधानों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में बताया गया कि अभियान के तहत जनपद में कुल 50,404 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 656 बूथ बनाए जाएंगे, जबकि बूथ दिवस के बाद घर-घर भ्रमण के लिए 1,312 टीमें तैनात रहेंगी। अभियान में 2,624 वैक्सीनेटर, 1,010 आशा कार्यकर्त्रियां, 1,771 आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां और 131 सुपरवाइजरों की तैनाती की जाएगी। अभियान के लिए 3,150 वैक्सीन वाइल की आवश्यकता निर्धारित की गई है। जनपद में 1,33,581 घरों को अभियान के दायरे में लिया जाएगा।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्साधिकारियों से संवाद कर स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने ओपीडी, संस्थागत प्रसव, डिलीवरी सेवाओं, अल्ट्रासाउंड सुविधाओं, मूलभूत सेवाओं की उपलब्धता और कार्मिकों के वेतन भुगतान की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अल्ट्रासाउंड मशीनों की स्थिति की समीक्षा करते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा।
समीक्षा में पाया गया कि जिन स्वास्थ्य केंद्रों में संस्थागत प्रसव की स्थिति पहले कम थी, वहां अब उल्लेखनीय सुधार हुआ है। जिलाधिकारी ने इस प्रगति को बनाए रखने के साथ ही संस्थागत प्रसव को और बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन गर्भवती महिलाओं की प्रसव तिथि नजदीक है, उनकी नियमित निगरानी करते हुए समय पर आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रों में प्रसव सेवाओं से जुड़ी मूलभूत सुविधाओं, बिजली, पानी एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की स्थिति की भी जानकारी ली। खुशियों की सवारी सेवा की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने इसके सुचारू एवं नियमित संचालन के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सेवा के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या हीलाहवाली पाए जाने पर संबंधित वेंडर की जिम्मेदारी तय करते हुए उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद में विभिन्न चिकित्सालयों के निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने बताया कि रिखणीखाल चिकित्सालय के निर्माण हेतु धनराशि अवमुक्त हो चुकी है। उन्होंने संबंधित कार्यदायी संस्था को निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए। वहीं थलीसैंण चिकित्सालय का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है, जिस पर उन्होंने ग्रामीण निर्माण विभाग को 30 नवंबर तक कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि धुमाकोट चिकित्सालय के लिए भी धनराशि अवमुक्त हो चुकी है तथा वहां निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। जिलाधिकारी ने सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने को कहा।
जिलाधिकारी ने कहा कि पल्स पोलियो अभियान के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित उपलब्धता भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी प्रभारी चिकित्साधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी करें तथा आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता समय से सुनिश्चित करें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मेघना असवाल, जिला पंचायत राज अधिकारी जितेंद्र कुमार, जिला शिक्षाधिकारी (प्राथमिक) अंशुल बिष्ट, जिला कार्यक्रम अधिकारी महबूब खान, चिकित्साधिकारी डॉ. अमित मेहरा, एआरटीओ मंगल सिंह, एडीपीआरओ प्रदीप सुंदरियाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्साधिकारी उपस्थित रहे।
*सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पौड़ी गढ़वाल*








