
नैनीताल। उत्तराखंड सहायक अध्यापक एलटी भर्ती 2024 से जुड़े लंबे समय से चल रहे विवाद में अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है। नैनीताल हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए 4 जून 2025 को एकल पीठ द्वारा दिए गए आदेश को बरकरार रखा है और उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) को तीन महीने के भीतर संशोधित परिणाम जारी कर पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने के निर्देश दिए हैं।
मामले में आयोग ने एकल पीठ के आदेश के कुछ हिस्सों को डबल बेंच में चुनौती दी थी। हालांकि 3 जून 2026 को सुनाए गए फैसले में न्यायालय ने स्पष्ट कर दिया कि एकल पीठ के आदेश का पालन किया जाना चाहिए। इसके बाद आयोग ने अपनी सभी विशेष अपीलें वापस ले लीं, जिन्हें अदालत ने खारिज कर दिया। सुनवाई के दौरान आयोग ने अदालत को आश्वस्त किया कि वह तीन माह के भीतर एकल पीठ के आदेश का अनुपालन करेगा। आयोग के इस आश्वासन के बाद न्यायालय ने चल रही अवमानना कार्यवाही को भी समाप्त कर दिया। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित अवधि के भीतर आदेश का पालन नहीं किया गया तो प्रभावित अभ्यर्थी दोबारा अवमानना याचिका दायर कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि इस भर्ती से जुड़े सैकड़ों अभ्यर्थी पिछले एक वर्ष से न्यायिक लड़ाई लड़ रहे थे।
सभी प्रभावित अभ्यर्थियों को मिलेगा लाभ
याचिकाकर्ता नवीन सिंह असवाल की ओर से अधिवक्ता गौरव कांडपाल और पीयूष गर्ग ने प्रभावी पैरवी की। न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि यह फैसला ‘ऑर्डर इन रेम’ (Order in Rem) की श्रेणी में आता है, यानी इसका लाभ केवल याचिकाकर्ताओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भर्ती प्रक्रिया से प्रभावित सभी पात्र अभ्यर्थियों को समान रूप से मिलेगा। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद प्रदेश भर के अभ्यर्थियों और उनके परिवारों में खुशी का माहौल है। भर्ती प्रक्रिया के जल्द पूरा होने और नियुक्तियों का रास्ता साफ होने की उम्मीद भी बढ़ गई है।




