मुख्यमंत्री धामी ने सुनी क्षेत्रवासियों की समस्याएं
संबंधित अधिकारियों को कार्यवाही के दिए निर्देश

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान लोगों ने मुख्यमंत्री के समक्ष विभिन्न जनसमस्याओं के साथ ही क्षेत्रीय विकास से जुड़े विषय और सुझाव भी रखे।
मुख्यमंत्री ने जनसमस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित एवं प्रभावी समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं का समयबद्ध निस्तारण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। शासन एवं प्रशासन के सभी स्तरों पर यह सुनिश्चित किया जाए कि आमजन को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े। जनहित से जुड़े प्रकरणों पर संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई की जाए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने दिव्यांग कुलदीप की समस्या को सुनते हुए उन्हें तत्काल आर्थिक सहायता एवं ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद लोगों को समय पर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य कर मिनिस्ट्रीयल स्टाफ एसोसिएशन, प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल (पू.मा.) शिक्षक संघ, सीनियर सिटीजन वेलफेयर सोसाइटी उत्तराखण्ड, आबकारी उपनिरीक्षक संघ, कल्प केदार मंदिर समिति, देवभूमि पूर्व सैनिक कल्याण समिति, हरिद्वार के शिष्टमंडलों एवं प्रतिनिधिमंडलों से भेंट की। विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को अपनी मांगों, समस्याओं एवं सुझावों से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने उनके द्वारा उठाए गए विषयों पर संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनसंवाद के माध्यम से जनता की समस्याओं के समाधान और जनभावनाओं के अनुरूप विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। सरकार का प्रयास है कि शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक सरलता और समयबद्धता के साथ पहुंचे।
इस अवसर पर विधायक महंत दिलीप रावत, किशोर उपाध्याय, अनिल नौटियाल, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगौली, गढ़वाल कमिश्नर आनन्द स्वरूप, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, जे.सी. कांडपाल एवं मुख्यमंत्री कार्यालय के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।








