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ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना में एस्कैप टनल का सफल ब्रेक-थ्रू

मैक्स इंफ़्रा इंडिया लिमिटेड की मेहनत लाई रंग

ऋषिकेश। पहाड़ो में रेल पहुंचाने के महाअभियान में ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना ने शुक्रवार को एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है। ढालवाला में निर्माणाधीन रेल सुरंग का सफल ब्रेक-थ्रू किया गया। सुरंग के दोनों छोर आपस में जुड़ते ही निर्माण स्थल पर मौजूद अधिकारियों, इंजीनियरों और तकनीकी टीम में उत्साह की लहर दौड़ गई। पहाड़ी भूगोल की जटिल चुनौतियों के बीच सुरंग निर्माण को परियोजना की सबसे महत्वपूर्ण और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण कड़ियों में माना जा रहा है।

ब्रेक-थ्रू के दौरान परियोजना से जुड़े अधिकारी, इंजीनियर और तकनीकी कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे। सुरंग निर्माण का यह अहम चरण निर्धारित तकनीकी मानकों, सुरक्षा प्रोटोकॉल और इंजीनियरिंग प्रक्रियाओं के अनुरूप पूरा किया गया। परियोजना के प्रोजेक्ट मैनेजर निशीथ शर्मा ने ढालवाला सुरंग के सफल ब्रेक-थ्रू को परियोजना की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य तकनीकी मानकों और आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाओं के साथ निरंतर आगे बढ़ाया जा रहा है।

निशीथ शर्मा के मुताबिक परियोजना को गति देने के लिए करीब एक हजार कर्मचारी 24 घंटे और महीने में 28 दिन कार्य कर रहे हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि हिमालयी क्षेत्र में इस महत्वाकांक्षी रेल परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए किस स्तर पर मानव संसाधन और तकनीकी क्षमता का इस्तेमाल किया जा रहा है।

ढालवाला सुरंग का ब्रेक-थ्रू इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक रेल लाइन बिछाने की राह में सबसे बड़ी चुनौतियों में दुर्गम पहाड़ी भूगोल और सुरंग निर्माण शामिल हैं। ऐसे में सुरंग के एक महत्वपूर्ण हिस्से का सफलतापूर्वक पूरा होना परियोजना के निर्माण क्रम में आगे की गतिविधियों को गति देने वाला पड़ाव माना जा रहा है।

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना केवल रेल लाइन बिछाने की योजना नहीं, बल्कि पर्वतीय उत्तराखंड के परिवहन ढांचे को नई दिशा देने वाली महत्वाकांक्षी परियोजना है। ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक रेल कनेक्टिविटी विकसित होने से पर्वतीय क्षेत्रों की पहुंच, आवागमन और क्षेत्रीय संपर्क को नई गति मिलने की उम्मीद है। परियोजना के विभिन्न हिस्सों में सुरंगों समेत बड़े निर्माण कार्य लगातार जारी हैं। ऐसे में ढालवाला में हुआ सफल ब्रेक थ्रू इस बात का संकेत है कि कठिन हिमालयी भूगोल के बीच परियोजना निर्माण की रफ्तार लगातार आगे बढ़ रही है।

ढालवाला की सुरंग में मिली यह सफलता महज दो छोरों के जुड़ने की घटना नहीं, बल्कि पहाड़ के भीतर आधुनिक इंजीनियरिंग की एक और मजबूत दस्तक है। इसे ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के उस निर्माण सफर का महत्वपूर्ण अध्याय माना जा रहा है, जिसके पूरा होने पर उत्तराखंड के पर्वतीय अंचल को आधुनिक रेल नेटवर्क से जोड़ने का सपना साकार होगा।

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