उत्तराखंडलेटेस्ट खबरें

परमार्थ निकेतन में पूर्व उप-राष्ट्रपति ने की गंगा आरती

मां गंगा से विश्व कल्याण और शांति की कामना की

ऋषिकेश। भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ अपनी धर्मपत्नी डॉ. सुदेश धनखड़ और अपने परिवार के साथ दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर पहुंचे। पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपनी धर्मपत्नी और परिवार के साथ परमार्थ निकेतन ऋषिकेश के गंगा तट पर स्वामी चिदानंद सरस्वती के सानिध्य में मां गंगा की भव्य आरती की। इससे पूर्व उन्होंने मां गंगा का दुग्धभिषेक करके विधिवत पूजा अर्चना की और विश्व में सुख शांति एवं समृद्धि की कामना की।

बता दें कि भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ अपनी पत्नी डॉ. सुदेश धनखड़ और अपने परिवार के साथ दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे के दौरान परमार्थ निकेतन ऋषिकेश पहुंचे। इस दौरान परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने पुष्प वर्षा कर पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और उनकी पत्नी का पारंपरिक एवं भव्य स्वागत किया। स्वामी चिदानंद सरस्वती से आशीर्वाद लेने के बाद पूर्व उपराष्ट्रपति ने उनके साथ राष्ट्र निर्माण, सामाजिक कल्याण और राष्ट्रीय हित से जुड़े विभिन्न गंभीर विषयों पर विस्तृत चर्चा की। पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ शाम को परमार्थ निकेतन गंगा घाट पर पहुचकर विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती में शामिल हुए और मां गंगा का पूजा अर्चना की और विश्व में सुख शांति और समृद्धि की कामना की। हाई-प्रोफाइल दौरे को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग की ओर से पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उनका यह दो दिवसीय उत्तराखंड दौरा जारी रहेगा।

पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि भारत की संस्कृति सबसे पुरानी और जीवंत है, भारत की संस्कृति जो हमें ज्ञान देती है उसे हमें चित्त में रखना चाहिए, ऐसा नहीं है कि भारत की संस्कृति सबसे पुरानी है अनेक संस्कृतियां हैं जो पुरानी है, लेकिन वह जीवंत नहीं है। सभी के जीवन में एक मूल मंत्र होना चाहिए कि हम क्या कर सकते हैं कैसे कर सकते हैं, हम राष्ट्रीय को क्या दे सकते हैं, मेरे जीवन में मैं कह सकता हूं राष्ट्र की सेवा करना आसान नहीं है बहुत सी परेशानियां आती हैं, हमारे जीवन की दृष्टि महाभारत के अर्जुन जैसी है, हमारे सामने बहुत कुछ करने के लिए है, लेकिन हम निर्णय लेने में सक्षम नहीं हैं, मैं सभी के जीवन के लिए खुशहाली की कामना करता हूं और मै यह कहना चाहता हूं कि सभी लोग अपने जीवन में राष्ट्रीय सेवा की भावना से कार्य करें।

Related Articles

Back to top button