नई गौशाला के लिए 4 करोड़ 41 लाख की DPR तैयार
पहली किस्त 01 करोड़ 80 लाख जारी करने का प्रस्ताव

ऋषिकेश। ऋषिकेश क्षेत्र में लंबे समय से बनी निराश्रित पशुओं की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। नगर निगम ऋषिकेश ने नई गौशाला निर्माण के लिए 4 करोड़ 41 लाख रुपये की डीपीआर तैयार कर उत्तराखंड पशु कल्याण बोर्ड को भेज दी है। बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव पर विचार के बाद आवश्यक रिपोर्ट मांगी गई थी, जिसे नगर निगम और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (सीवीओ) के माध्यम से पूरा कर शासन को भेज दिया गया है। अब 3 अगस्त 2026 को यह प्रस्ताव शासन के समक्ष रखा जाएगा।
शनिवार को आयोजित एक पत्रकार वार्ता में उत्तराखंड पशु कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष सुरेंद्र मोघा ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर पहली किस्त के रूप में लगभग 40 प्रतिशत यानी करीब 1 करोड़ 80 लाख रुपये जारी किए जाने का प्रस्ताव है। स्वीकृति मिलने के लगभग 15 दिनों के भीतर यह धनराशि नगर निगम ऋषिकेश को उपलब्ध होने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया शासन स्तर पर गठित वित्त समिति की निगरानी में पारदर्शी ढंग से पूरी की जाएगी तथा धनराशि का आवंटन जिला स्तरीय समिति (डीएलसी) के माध्यम से होगा। इस समिति में जिलाधिकारी अध्यक्ष, मुख्य विकास अधिकारी उपाध्यक्ष, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी सदस्य सचिव तथा संबंधित निकायों के अधिकारी सदस्य के रूप में शामिल हैं।
सुरेंद्र मोघा ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार निराश्रित गोवंश संरक्षण और पशु कल्याण के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष प्रदेश में निराश्रित पशुओं के भरण-पोषण के लिए 60 करोड़ रुपये तथा गौशाला निर्माण के लिए 5 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए थे। वहीं इस वर्ष भी भरण-पोषण के लिए 60 करोड़ रुपये और निर्माण कार्यों के लिए 7 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश की गौशालाओं के लिए प्रथम किस्त के रूप में लगभग 21 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। उपयोगिता प्रमाण पत्र मिलने के बाद दूसरी किस्त जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
उत्तराखंड में वर्तमान में 98 गौ सदन संचालित हैं, जहां करीब 19 हजार निराश्रित गोवंश का संरक्षण किया जा रहा है। इसके अलावा 225 ग्राम गौ सेवक सदन भी संचालित हैं, जिनमें लगभग 722 निराश्रित गोवंश रखे गए हैं। प्रदेश के सभी गौ सदनों को उत्तराखंड पशु कल्याण बोर्ड की ओर से प्रति गोवंश प्रतिदिन 80 रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराई जा रही है।
सुरेंद्र मोघा ने कहा कि ऋषिकेश में निराश्रित पशुओं की समस्या के समाधान के लिए शासन स्तर पर लंबे समय से प्रयास किए जा रहे हैं। इस संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा से लगातार सहयोग मिला है। इसी का परिणाम है कि अब गौशाला निर्माण की योजना तेजी से आगे बढ़ रही है। इस मौके पर पूर्व पार्षद विजेंद्र मोघा, नवीन पांडे आदि मौजूद रहे।




