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मधुबन आश्रम में धूमधाम से मनाई कृष्ण जन्माष्टमी

हरी भजनों पर झूमते नजर आए कृष्ण भक्त

ऋषिकेश। मधुबन आश्रम ऋषिकेश में श्री कृष्ण जन्माष्टमी बड़ी धूमधाम से मनाई गई। मंदिर को चार चांद लगाने के लिए फूलों और रंग बिरंगी लाइटों से सजाया गया। मधुबन आश्रम में हज़ारों की संख्या में लोगो ने भगवान कृष्ण के दर्शन कर मक्खन मिश्री का भोग लगाया। सुबह से ही मंदिर परिसर में कृष्ण भक्त हरी भजनों पर झूमते रहे। देश विदेश से आए श्रद्धालु भगवान कृष्ण की भक्ति में सराबोर नजर आए। मधुबन आश्रम श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बना रहा। वृंदावन से पोशाक और श्रृंगार लाकर भगवान कृष्ण को सजाया गया। मंगला आरती के बाद भगवान कृष्ण को 56 भोग लगाए गए। वहीं सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल चप्पे चप्पे पर तैनात रहा।

मधुबन आश्रम के परमाध्यक्ष परमानंद दास महाराज ने कहा कि मधुबन आश्रम में श्री कृष्ण जन्माष्टमी का शुभारंभ और स्थापना हमारे भक्ति योग महाराज ने की, आप देख रहे हैं कि इस पूरे क्षेत्र में अद्भुत जन्माष्टमी मनाई जाती है, यह सब हमारे भक्ति योग महाराज का आशीर्वाद और कृपा है, यहां पिछले 40 वर्षों से निरंतर भव्यतम श्री कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाती है, इस वर्ष भगवान कृष्ण की विशिष्ट पोशाक जिसे बनने में लगभग डेढ़ महीना लगता है और यह स्पेशल वृंदावन से बनकर आती है, क्योंकि कन्हैया वृंदावन से प्रेम करते हैं, तो उनकी हर वस्तु अधिकांश वृंदावन से आती है, फूलों और पोशाक से भगवान कृष्ण का दिव्य श्रृंगार किया जाता है, आज सुबह से अखंड हरी नाम संकीर्तन का शुभारंभ हो चुका है और 24 घंटे यह निरंतर चलता रहेगा।

उत्तराखंड महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा कि सबसे पहले मैं देश और प्रदेशवासियों को श्री कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देती हूं, आप मधुबन आश्रम की बात कर रहे हैं, वर्षों से हम लोग यहां पर आ रहे हैं और बहुत ही धूमधाम से यहां पर श्री कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाती है, सभी लोग भक्ति भाव में डूबे रहते हैं, श्री भारत से नहीं बल्कि भारत के बाहर देश विदेश से लोग यहां पर पहुंचते हैं और भगवान कृष्ण की भक्ति में विभोर रहते हैं, यहां पर निश्चित ही बहुत सारी प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाती है, कई दिनों से यह कार्यक्रम चलता रहता है, कई स्कूलों के बच्चे इसमें प्रतिभाग करते हैं, बच्चे पढ़ाई के साथ-साथ अपने त्यौहारों के माध्यम से संस्कृति और संस्कार ग्रहण करते हैं।

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