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नेपाल में जलप्रलय का तांडव, 22 की मौत, 384 लापता

SSB का खोज बचाव अभियान जारी

काठमांडू। नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में बुधवार सुबह अचानक आई भीषण बाढ़ ने नेपाल-चीन सीमा क्षेत्र में भारी तबाही मचा दी। ताजा रिपोर्टों के अनुसार कम से कम 22 लोगों की मौत हो चुकी है और 88 लोगों को बचाया गया है, जबकि नेपाल पर्यटन बोर्ड की प्रारंभिक सूची के अनुसार 384 अब भी लापता या संपर्क से बाहर हैं। इनमें 291 विदेशी और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं। विदेशी नागरिकों में 105 भारतीय पर्यटक और 37 एनआरआई भी हैं।

बुधवार सुबह करीब 8:30 से 9 बजे के बीच अचानक आई। रसुवा के तिमुरे, स्याफ्रुबेसी और आसपास के इलाकों में पानी और मलबे के तेज बहाव ने मकानों, वाहनों, दुकानों, पुलों और सड़क संपर्क को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। नुवाकोट और अन्य डाउनस्ट्रीम इलाकों में भी व्यापक नुकसान की खबर है। नेपाल सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल ने बड़े पैमाने पर खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया है। खराब मौसम और क्षतिग्रस्त संचार व सड़क नेटवर्क के कारण राहत कार्य प्रभावित हो रहा है।

स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक घटना के समय रसुवा में बारिश नहीं हो रही थी। प्रारंभिक वैज्ञानिक आकलन में ल्हेन्दे खोला नदी में हिमस्खलन और चट्टान के खिसकने से अस्थायी अवरोध बनने और उसके बाद पानी अचानक टूटने की आशंका जताई गई है। तिब्बत क्षेत्र में दर्ज 4.4 तीव्रता के भूकंप की संभावित भूमिका की भी जांच हो रही है। हालांकि बाढ़ का अंतिम कारण अभी आधिकारिक रूप से तय नहीं हुआ है।

ऊपरी क्षेत्र में संभावित जल-अवरोध को देखते हुए दूसरी अचानक बाढ़ का खतरा भी बना हुआ है। नेपाल प्रशासन ने रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा और चितवन में नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। भारत के बिहार और उत्तर प्रदेश में भी डाउनस्ट्रीम बाढ़ की निगरानी बढ़ाई गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार बाढ़ की चपेट में आए लोगों की मौत का आंकड़ा और लापता लोगों की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है। अचानक जल प्रलय से नेपाल का काफी हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। मौके पर सुरक्षा एजेंसियां राहत और बचाव कार्य कर रही हैं।

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