कैबिनेट बैठक में ‘पेपर लीक विधेयक संसोधन’ को मंजूरी
10 साल की सजा 10 करोड़ का जुर्माना

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान मीटिंग में काफी चर्चा करने के बाद ‘पेपर लीक विधेयक संसोधन’ को पूरी तरह से मंजूरी दे दी गई है।
इस संसोधन के तहत भविष्य में किसी भी तरह का पेपर लीक करने वाले आरोपी के खिलाफ सजा के कड़े से कड़े प्रावधान होंगे। इतना ही नहीं संसोधन में स्पेशल फॉस्ट ट्रैक कोर्ट को लीगल बैकिग मिलेगी। इसके अलावा फॉस्ट ट्रैक कोर्ट को तीन महीने के अंदर मामले की सुनवाई पूरी कर रिपोर्ट सौंपनी होगी।
पीएम ने वीडियो संदेश किया था जारी
कैबिनेट बैठक से पहले देर रात 23 जुलाई 2026 को प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर छात्रों के लिए एक वीडियो जारी कर महत्वूपर्ण संदेश भी दिया था। जिसमें उन्होंने साफ-साफ शब्दों में कहा था कि 24 जुलाई 2026 को होने वाली कैबिनेट बैठक में पेपर लीक के मामले को लेकर चर्चा की जाएगी। साथ ही उन्होंने वीडियो में आगे कहा कि फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से पेपर लीक मामले की सुनवाई तीन महीने के अंदर की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी।
इस नए नियम के तहत पेपर लीक मामले में आरोपी को न सिर्फ 10 साल की सजा होगी बल्कि 10 करोड़ रुपये जैसे भारी भरकम जुर्माना भी होगा। इसके अलावा यह संसोधन अगले हफ्ते संसद में भी पूरी तरह से पेश किया जाएगा।
इतना ही नहीं, उन्होंने छात्रों को संदेश वीडियो में ज्यादा जानकारी देते हुए बताया कि नीट पेपर लीक कोई मामूली मुद्दा नहीं है।
उन्होंने कहा कि इस एक घटना के बाद से लाखों छात्रों के साथ-साथ उनके माता-पिता को भी गहरा दुख पहुंचा है। इसके अलावा उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को सख्ती से रोकने के लिए हम पहले के मुताबिक और भी ज्यादा मजबूत कानून बनाएंगे।
अगल हफ्ते संसद में पेश हो सकता है बिल
कैबिनेट बैठक में इस मामले को लेकर भी चर्चा की गई अगल हफ्ते संसद में इस संसोधन को पेश किया जाएगा। वहीं, इस मामले में पीएम मोदी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को जल्द से जल्द कार्रवाई करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।




