नई दिल्लीबड़ी खबरशिक्षा

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर सरकार का रुख साफ

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर कोई समझौता नहीं : CJP

नई दिल्ली। नीट (NEET) परीक्षा धांधली और पेपर लीक विवाद को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और पूरे विपक्ष की ओर से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की चौतरफा मांग उठ रही है।

हालांकि, इस भारी दबाव के बीच केंद्र सरकार ने बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए साफ कर दिया है कि शिक्षा मंत्री का त्यागपत्र किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उच्च पदस्थ सरकारी सूत्रों के अनुसार, सरकार मंत्री का पद छोड़ना समस्या का हल नहीं मानती। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि जिम्मेदारी से भागने के बजाय व्यवस्था की कमियों को दूर करना ही असली समाधान है। पूरी भारतीय जनता पार्टी अपने मंत्री के पीछे मुस्तैदी से खड़ी है।

NTA की कमियों की पहचान

सरकारी सूत्रों ने स्थिति साफ करते हुए कहा कि जनता ने सरकार को कार्य करने का जनादेश दिया है और वह अपनी जिम्मेदारी से पीछे हटने वाली नहीं है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की तमाम तकनीकी और प्रशासनिक कमियों की पहचान की जा रही है। सरकार इन सभी समस्याओं की एक विस्तृत लिस्ट बना रही है और जल्द ही पूरी परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधार किए जाएंगे। जांच एजेंसियों ने पेपर लीक करने वाले कई गिरोहों का भंडाफोड़ किया है और आने वाले समय में इस नेटवर्क से जुड़े अपराधियों पर और भी कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। सरकार का पूरा ध्यान राजनीतिक इस्तीफों के बजाय पारदर्शी परीक्षा तंत्र बनाने पर है।

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर कोई समझौता नहीं : CJP 

दूसरी ओर, विठ्ठलभाई पटेल हाउस में शुक्रवार (24 जुलाई 2026) को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ करीब 2 घंटे चली मैराथन बैठक में CJP प्रतिनिधियों का रुख बेहद कड़ा रहा। CJP ने दोटूक कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा उनकी ऐसी शर्त है जिस पर कोई समझौता नहीं हो सकता। इसके अलावा, संगठन ने 20 जुलाई के ‘संसद मार्च’ के दौरान छात्रों पर हुए पुलिस बल प्रयोग के लिए केंद्र सरकार, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और दिल्ली पुलिस कमिश्नर से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की भी मांग रखी है।

CJP की तीन बड़ी मांग 

03 मई की नीट परीक्षा रद्द होने के बाद जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता।

आंदोलनकारी छात्रों पर दर्ज सभी पुलिस केस (FIR) तुरंत वापस लिए जाएं।

परीक्षा सुधारों से जुड़ा 5-सूत्रीय मांगपत्र लागू किया जाए।

————

CJP ने स्पष्ट किया कि यदि इन मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो जंतर-मंतर पर जारी इस आंदोलन को देश के हर राज्य में और ज्यादा उग्र किया जाएगा।

संसद में होगा ऐतिहासिक कानून पेश

 

इसी बीच, जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक द्वारा 26 दिनों बाद अनशन खत्म किए जाने के बीच केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार ने प्रदर्शनकारियों की बातें गंभीरता से सुनी हैं और शनिवार को तीसरे दौर की वार्ता होगी।

दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देर रात राष्ट्र को संबोधित करते हुए ऐलान किया कि सरकार अगले सप्ताह संसद में पेपर लीक के खिलाफ एक नया और ऐतिहासिक कानून पेश करने जा रही है। केंद्रीय कैबिनेट ने इस विधेयक के मसौदे को पहले ही अपनी मंजूरी दे दी है। हालांकि, CJP इस्तीफे पर अड़ी है और सरकार व्यवस्था बदलने पर, जिससे दिल्ली में गतिरोध बरकरार है।

Related Articles

Back to top button